MAA Shayari in Hindi- Kabhi Sirhaane Laga k soya

कभी सिरहाने लगाकर सोया, तो कभी दिल से लगाकर रोया |

कभी रसोईघर , कभी मन्दिर तो कभी घर का गन्दा आँगन उसने धोया |

मै तो लड़ता रहा सारी उम्र जिस माँ से हक के लिए अपने ,

उसी माँ ने अपने हिस्से के सुखो को मेरे लिए पिरोया |

आज नही आती नज़र माँ कही भी ,तब एहसास हुया

कि जिसने तुझे खोया उसने सबकुछ खोया |

कि जिसने तुझे खोया उसने सबकुछ खोया II

Updated: March 25, 2020 — 6:09 pm

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