Gulzar Shayari in Hindi – Gulzar Ki Shayari | Best Shayari of Gulzar

गुलजार साहब की मशहूर शायरी, QUOTES, STATUS, POETRY & THOUGHTS

गुलज़ार साहब के लिखें हुए दिल को छू जाने वाले गाने, नज़्में, शायरिया, ग़ज़लें, रोमांटिक कोट्स आज भी हर किसी के होठों पर हमेशा रहते हैं, वही गुलज़ार साहब आज भी अपने शब्दों के जादू से सब के दिलो पर राज कर रहे हैं। आज हम आपके लिए लाये हैं उन्ही के लिखें कुछ कोट्स, शायरी, ग़ज़लें और भी बहुत कुछ:

Gulzar Shayari Quotes in Hindi
Main har raat
khawaisho ko Khud se
pehle sula deta hu
Hairat yah hai
ki har subah
Ye mujhse pehle jag jati hai
मैं हर रात 
ख्वाईशो कोखुद से 
पहले सुला देता 
हुहैरत यह है की 
हर सुबहये मुझसे पहले जग जाती है

Shayari of Gulzar in Hindi

Umar jaya kar di logo ne
Auron me nuks nikalte nikalte
Itna khud ko tarasha hotaTo frishte ban jate
उम्र जाया कर दी लोगो ने
औरों में नुक्स निकालते निकालते
इतना खुद को तराशा होतातो फरिश्ते बन जाते

Gulzar Ki Shayari
Yaad aayegi har roz magar
Tujhe aawaz na dunga
Likhunga tere hi liye har gazal
Magar tera naam na lunga
याद आएगी हर रोज़ मगर
तुझे आवाज़ ना दूँगा
लिखूँगा तेरे ही लिए हर ग़ज़ल
मगर तेरा नाम ना लूँगा

शायर बनना बहुत आसान हैं
बस एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल डिग्री चाहिए

गुलज़ार साहब के कुछ कोट्स और शायरी

कुछ अलग करना हो तो
भीड़ से हट के चलिए,
भीड़ साहस तो देती हैं
मगर पहचान छिन लेती हैं

Gulzar Shayari in Hindi

Gaye the sochkar ki baat
Bachpan ki hogi
Magar dost mujhe apni
Tarakki sunane lage
गए थे सोचकर की बात
बचपन की होगी
मगर दोस्त मुझे अपनी
तरक्की सुनाने लगे

कैसे करें हम ख़ुद को
तेरे प्यार के काबिल,
जब हम बदलते हैं,
तो तुम शर्ते बदल देते हो

Gulzar Hindi Shayari
Tere bina zindagi se koi
Shikwa to nahi
Tere bina par zindagi bhi lekin
Zindagi to nahi
तेरे बिना ज़िन्दगी से कोई
शिकवा तो नहीं
तेरे बिना पर ज़िन्दगी भी लेकिन
ज़िन्दगी तो नहीं

अच्छी किताबें और अच्छे लोग
तुरंत समझ में नहीं आते हैं,
उन्हें पढना पड़ता हैं

Gulzar Shayri in Hindi

Wo mohabbat bhi tumhari thi
Wo nafrat bhi tumhari thi
Hum apni wafa ka insaf kisse mangte
Wo shehar bhi tumhara tha
Wo adalat bhi tumhari thi
वो मोहब्बत भी तुम्हारी थी
वो नफ़रत भी तुम्हारी थी
हम अपनी वफ़ा का इंसाफ किससे मांगते
वो शहर भी तुम्हारा था
वो अदालत भी तुम्हारी थी

इतना क्यों सिखाई जा रही हो जिंदगी
हमें कौन से सदिया गुजारनी है यहां

Shayari of Gulzar in Hindi
Gulam the to
Hum sab Hindustani the
Aazadi ne humien
Hindu muslman bana diya
गुलाम थे तो
हम सब हिंदुस्तानी थे
आज़ादी ने हमें
हिन्दू मुसलमान बना दिया

थोड़ा सा रफू करके देखिए ना
फिर से नई सी लगेगी
जिंदगी ही तो है

Gulzar Ki Shayari

Saham si gayi hai
Khawaishe
Zarurato ne shayad un se
Unchi aawaz me baat ki hogi
सहम सी गयी हैख्वाइशे
ज़रूरतों ने शायद उन से
ऊँची आवाज़ में बात की होगी

मैं वो क्यों बनु जो तुम्हें चाहिए
तुम्हें वो कबूल क्यों नहीं
जो मैं हूं


Best Shayari of Gulzar
Kaun kahta hai ki
Hum jhuth nahi bolte
Ek baar tum kheriyat
Puch kar to dekho
कौन कहता है की
हम झूठ नहीं बोलते
एक बार तुम खेरियत
पूछ कर तो देखो

सुनो…
जब कभी देख लुं तुमको
तो मुझे महसूस होता है कि
दुनिया खूबसूरत है

एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद
दूसरा सपना देखने के हौसले का नाम जिंदगी हैं

घर में अपनों से उतना ही रूठो
कि आपकी बात और दूसरों की इज्जत,
दोनों बरक़रार रह सके

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